डीडवाना-कुचामन : पुलिस ने जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाली एक संगठित गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा और वृताधिकारी मुकेश चौधरी के सुपरविजन में की गई।
नांवा पुलिस थाना की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जितेंद्र सिंह (सीकर), राजेंद्र कुमार (डीडवाना-कुचामन), दीपक कुमार (सीकर), महेश कुमार उर्फ नितिन (सीकर) और राजेश कुमार (सीकर) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन गेमिंग का लालच देते थे। गेम खिलाने के नाम पर वे लोगों से ठगी करते थे और प्राप्त रकम को बैंक खातों से निकालकर आपस में बांट लेते थे। यह गैंग लंबे समय से संगठित तरीके से सक्रिय थी।
पुलिस थाना नांवा को सूचना मिली थी कि रेलवे अंडरपास के पास दो स्कॉर्पियो गाड़ियों में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियां कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां 5 युवक लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन ठगी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 8 एंड्रॉइड मोबाइल (आईफोन सहित), 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 5 एटीएम कार्ड, 2 चेक बुक और 2 स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने सभी जब्त सामान के साथ आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी नांवा नंदलाल के नेतृत्व में एएसआई परमाराम, नरेश कुमार सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
